अध्यापक:

अध्यापक!! 

यह कुछ शब्द मात्र ही नहीं 

यह ज्ञान का सागर होते है 

चाहे जितनी गहराई मे हम उतरे, 

यह हमेशा भटकते इंसान को दिशा दे जाते है


अध्यापक!!

यह वो होते है जो हमे अंजान शहर मे 

माता पिता का एहसास दे जाते है 

नई शुरुआत है कहीं, नये अरमाँ है कहीं

यह नये ज्ञान का एहसाँ दे जाते है 

 

अध्यापक!!

यह वो सोच होती है जो हमें 

ऊंचाइयों की पहचान दे जाती है 

वर्तमान मे मार पीट, मोहब्बत के साथ, 

भवीष्य को सँवार जाती है


अध्यापक!!

यह वो आईने होते है जो हमे

सही गलत की सीख से वाक़िफ़ करवा जाते है 

यह वो वक़्त होते है  जो हमे

 बेवक़्त मे भी वक़्त का इस्तेमाल करना सिखा जाते है


अध्यापक!!

यह वो पाठ होते है जो

 पाठकों को विभोर कर ले जाते है 

यह अंधेरी रातों से भरी ज़िंदगी मे 

पो फटती भोर कर जाते है 


अध्यापक!!

यह वो होते है जो किताबो के ज्ञान से

जज़्बातों मे मशगूल हमे कर देते है 

इनकी मेहनत फल ऐसा लाती है 

अंधेरे रातों को भी कहीं सितारों से भरा आसमान बना जाती है

 


अध्यापक!!

यह वो होते है जो

रंगहीन को रंगीनता का एहसास दे जाते है 

खुद कुछ देर की खुशी की दक्षिणा ले

हमे हमेशा का ज्ञान प्रदान कर जाते है 



साहेब!! यह मार पीट, डाँट हम सभी को अभी अखरता है 

लेकिन यह मार डाँट के बाद जो इंसान सुधरता है, वही सबसे ज्यादा निखरता है 


साहेब!!यह इतना सारा काम, इतना मेहनत  हमारे बस मे नही है 

लेकिन यहाँ ज्ञान का खूँ जो हमे मिला है हमारे अलावा किसी और की नस मे नहीं है 


साहेब!! यह इतने ज्ञान मे इतनी सी उड़ान यह तो हमारे फसीब मे नहीं है 

लेकिन यह ज्ञान, यह अध्यापक हमे मिले है , हमारे अलावा किसी और के नसीब मे नहीं है!! 






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