एक निस्वार्थ प्यार की पहचान

 माता और पिता 

यह एक शब्द मात्र ही नहीं, 

एक रिश्तो की दुनिया है 

जहाँ एक इंसान की हर जरूरते उनमे पूरी होती है ||


यह दो वो स्तम्भ है, 

जिस पर एक इंसान का अस्तित्व टिक्का हुआ होता है, 

यह वो प्यार है,

जिसे हर इंसान पाना चाहता है ||


यह वो धन है, 

जिसे हर इंसान प्राप्त करना चाहता है,

यह वो ज़िंदगी की आदते है, 

जिसे एक इन्सान कभी नहीं छोड़ना चाहता है || 


यह वो रस्ते है,

 जिस पर हर इंसान चलना चाहता है,

यह वो ऊंचाई है,

जहाँ पर हर इंसान पहुंचना चाहता है ||


यह वो पल है,

जिसमे हर इंसान अपनी ज़िंदगी बिता देना चाहता है, 

यह वो सुरक्षित किनारा है, 

जहाँ हर इंसान अपनी डूबती नैया को पनाह देना चाहता है || 


यह दो वो हाथ है, 

जिसे हर इंसान अपनी हर तकलीफो में अपने हाथो में चाहता है, 

यही तो होते है माता - पिता, 

जिनके बगैर इंसान एक पल भी अपनी ज़िंदगी के गुजारना नहीं चाहता है ||




Take care of them,they were with us in all our troubles !!


Make them sure, that this son is always with you in all stages of their life !!


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