"सत्य की पहचान" - By Ashish George
सपने
देखने है तो हकीकत में देखो
नींदो
में क्या रखा है,
ज्ञान
रुपी मोती पाना है तो गहराई में उतरो
किनारो
पर क्या रखा है ||
सफलता
पाना है तो आसमानो में उड़ो
ज़मीन
पर क्या रखा है
इंसान
सा एहसास रखना है तो ज़मीन से जुडो
आसमान
में क्या रखा है ||
लोगो
की मदद करनी है तो गरीबो की करो
अमीरो
में क्या रखा है,
सच्चा
प्यार पहचानना है तो आपके पीछे लगी माँ बाप की मेहनत को देखो
पैसो
में क्या रखा है ||
प्यार
करना है तो इंसानो से करो
गलत
आदतों में क्या रखा है ,
दुर्री
बनानी है तो गलत लतो से बनाओ
इंसानो
में क्या रखा है ||
मुसीबतो
का सामना करना है तो खुद मैदान में उतरो
दर्शकदीर्घाओ
में क्या रखा है,
सामना
करना है तो तूफानों का करो
हवाओ
में क्या रखा है ||
तराशना
है तो अपनी खूबियों को तराशो
आभूषणों
में क्या रखा है,
तलाशना
है तो अपने लिए मौके तलाशो
इंतज़ार
में क्या रखा है ||
देश
को बदलना है तो खुद पहल करो
दुसरो
का इंतज़ार में क्या रखा है,
देश
को ऊंचाई पर ले जाना है तो मिलकर मेहनत करो
अकेले
में क्या रखा है ||
वक्त
खर्च करना है तो ज्ञान के लिए करो
दुनियादारी
में क्या रखा है
पैसा
खर्च करना है तो मास्क पर करो
कफ़न में क्या रखा है ||
Chase
the truth !! Understand the truth !!
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