" Call Of God "

 

Dramatical Imagination  - परमेश्वर की बुलाहट 


आशी - आह ! आह ! आह ! यह इंसान भी ना.. यार हमेशा हमारे ऊपर से जाते रहते है, हमे रौंदते है 
           हमे कितना दर्द होता है, वो इन्हे क्या पता 
           पता नहीं यह लोग आखिर हम से क्या चाहते है 
आशु -  हाँ आशी !  यह लोग पता नहीं अपने आप को क्या समझते है !
           हाँ, मान लिया की यह इंसान लोग हम से बहुत बड़े है , लेकिन इसका मतलब यह थोड़ी होता की 
           अपने से छोटो के साथ ऐसा बर्ताव करे ? की हमे हमेशा रौंद कर चले .....यार यह तो गलत ही है 

           ना....

           यार परमेश्वर को ऐसा अन्याय नहीं करना चाहिए था , क्या हमारी कोई इज़्ज़त नहीं है ?

           क्या हम में जान नहीं है

           आज हमारे ही तो कारण यह लोग जी रहे है , लेकिन यह बात इनको याद ही क्यों आएगी

           तब तो इनकी  यादाश्त कमजोर हो जाती है....

आशी - हाँ आशु ! तुमने बिलकुल सही कहा , भले ही हम और हमारे हज़ारो - करोड़ो दोस्त बहुत छोटे छोटे 

           है, लेकिन हम अपने आप में इन इंसानो के लिए एक अहम किरदार निभाते है, इनकी हर चीज़े 

           हम से ही तो जुडी हुई है . लेकिन यह बात यह लोग नजरअंदाज क्र जाते है !! नहीं....इंसान को 

           थोड़ी तो शर्म आनि ही चाहिए , लेकिन वो तो है ही नहीं....इनमे .... सरेआम हमे कुचलते हुए 

           गुजरते है 

आशु -  हाँ आशी !! यह बात तुमने सौ टक्के की कही है , यह इंसान हमारे सामने बड़ी बड़ी बाते करते है ,

           लेकिन सच्चाई तो हमे पता है की उस खुदा परमेश्वर ने इन इंसानो को हम हज़ारो करोडो छोटे 

           छोटे किनको जैसे दोस्तों को मिला कर बनाया है , और इनको तो यह भी  नहीं पता होगा की 

           इनकी मृत्यु के बाद इनको वापिस हम में और हमारे दोस्तों में मिल  जाना है

आशी- और हाँ आशु ! इनको तो यह  भी नहीं पता की खुदा परमेश्वर ने अब्राहम जी को जब आशीष दी तब 

          परमेश्वर ने उन आशीष के वचनो में हमारा भी नाम लिया था "की में परमेश्वर तेरे वंश को धूल के 

          किनको से भी ज्यादा करूंगा " 

          देखो देखो !! यह भूल गए की परमेश्वर ने इन बड़े बड़े इंसानो को हम छोटे छोटे किनको जैसो से 

तुलना किया है  अरे और हाँ !! यीशु भी जब एक अंधे को ठीक करते है तब भी हम वह मौजूद थे , याद है !! यीशु ने हम पर थूका  था फिर कुछ दोस्तों को मिलाकर उस अंधे की आँखों पर लगाया था..देखो !! कितने महत्वपूर्ण  है हम , और सब यह जानते भी है की हम महत्वपूर्ण  है लेकिन फिर भी यह  इंसान  ना.....

आशु-  छोड़ ना आशी !! अब परमेश्वर महानभी इनके साथ है तो हम कोण होते है उस खुदा परमेश्वर के खिलाफ

जाने  वाले क्यों की हमारी जिंदगी में मर्ज़ी तो परमश्वर की ही होगी, तो उसे जैसा अच्छा लगे वैसा वो करे 

आशी - हाँ हाँ !! जैसी परमेश्वर महान की मर्ज़ी वो ही हमारे जीवन में हो |  

 

( युहीं हम सब छोटे छोटे,कमजोर, नाजुक किनके अपनी जिंदगी जी रहे थे , कभी कौन तो कभी कौन हमारे ुओर से गुजरता हमे कुचलता ....... सच में बहुत दर्द होता था )

 

इतनी सारी तकलीफो से परेशान हताश , एक दिन में ,और आशु और हमारे कुछ दोस्त अपने घर पर बैठे हुए थे .....

 

एक इंसान ना जाने कहाँ से एक परात और कस्सी लेकर हमारे नजदीक आ धमका , वैसे ही यह इंसान दानव जैसे होते है .... और अब यह इंसान ना जाने क्यों हमे देख रहा है ?.....कुछ पता नहीं.....

 

आशी - आह ! आह ! आह ! यह क्या क्र रहे है यह लोग

           आशु आशु जल्दी आओ ! देखो यह इंसान क्या कर रहे है ?? इन्हे रोको ....

आशु -  अरे आशी !! यह लोग तो हमे उठा क्र कहीं और ले जा रहे है !!

           अरे !! छोडो हमे....प्ल्ज़्ज़..... हमारा दम घुट रहा है !!

 अरे यार !! आप लोग वैसे ही हमारे ऊपर से चल कर हमे मारते रहते हो ! अब और क्या करना चाहता हो हमारे साथ ?? पलज़्ज़ज़ छोडो ना हमे.....

 

 

लेकिन इन इंसानो ने हमारी एक ना सुनी ! और हमे ले जाकर कहीं और पटक दिया .... 

हम कभी अपने घर से दूर नहीं गए .... आज पहली बार घर से दूर गए थे ... 

और हमे तो पता भी नहीं हमारा घर कहाँ है !! 

अब क्या होगा हमारा......

 

आशु - है खुदा !! यह क्या मुसीबत है !! वैसे ही आपने इन इंसानो को हक़ दे रखा है की यह हमारे ुओर से चल

सके... और अब यही इंसान हमे हमारे खुद के घर से भी दूर कर दिए है.... यह तो गलत है .....

 

लेकिन हम छोटे छोटे, निर्बलों की आवाज सुन ने के लिए कोई नहीं था... हम पूरी रात रट रहे...पर हमारी कोई सुन ने को नहीं था,,, सब बेकार हो रहा था..... 

 

अगली सुबह ----

 

आशी - आशु ! आशु उठो !! देखो यह एक इंसान हमारे पास खड़ा है.... मुझे तो अब बहुत डर लगने लगा.है.

आशु  - हाँ आशी ! यह सब तो ठीक है , लेकिन उस के हाथो में वो जग में क्या है ?? हे  प्रभु  !!! यह तो हम पर

पानी दाल रहा है... यह क्या करना चाहता है ...अरे ओ भैया !! क्या क्र रहे  हो ...हमे  मारना चाहते

हो क्या??

 

और उस इंसान ने हमारे ऊपर पानी दाल कर हमे बुरी तरह से मिक्स, कर दिया... और इस वजह से सच में हम तो चककर खा कर बेहोश हो गए.... होश आने पर हमने देखा की उस इंसान ने अपनी कलाकारिया हम पर  दिखा कर हमे एक घड़े का ( मटके ) रूप दे दिया था ......

 

ना जाने आगे क्या होना है ...हमारी जिंदगी इन इंसानो की मर्ज़ी से चल रही है अभी... पता नहीं क्या होगा....

 

कुछ दिनों बाद हमे कहीं नई जगह ले जाय गया... 

 

आशी - आशु !! नई जगह ! फिर से....यहाँ तो बहुत सारे लोग नजर आ रहे है ..यहाँ देखो आशु !! हमारी तरह के

कितने और घड़े पड़े है... अब यहाँ क्या होने वाला है ..?? 

 

सच में आशु हमारी जिंदगी तो नरक बन गई  है हर मोड़ पर नई मुसीबत ,हमने तो किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा .....फिर भी..इतना कुछ हो रहा है हमारे साथ...

 

हम लोग हमारी जिंदगी से तंग हो चुके थे ,.... हमने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया ...

कई बार हम जिस टेबल पर रखे गए थे उसके किनारे पर आते थे की हम खुद को निचे गिरा कर अपने आप को तोड़ डाले, मार डाल दे ... 

 

लेकिन यह इंसान लोग ह ना.... हर प्लान को खराब करने के लिए... जैसे ही हम किनारे पर पहुँचते है.... कोई न कोई हमे फिर से टेबल के बीच में रख देते... 

यह भी सही ह यार.... जीना तो दूर,,,इंसान तो हमे मरने भी नहीं दे रहा है.....

 

( कुछ दिन बीत ते है ...एक सुबह एक इंसान बहुत देर से हमे घूर रहा था ...)

 

आशी - आशु ! मैं इस इंसान को बहुत देर से देख रही हूँ...यह  बहुत देर से हमे घूर रहा हैं...

           अब इसका क्या इरादा है ??

आशु - मैं भी तो देखु जरा.... अरे आशी ... यह तो हमे खरीद रहा है .. ओ खुदा... यह इंसान हमारा बिसनेस

कर रहे है ..हमे बेचा जा रहा है !! ऐ खुदा !! यह सब क्या हो रहा है हमारे साथ .....

 

उस इंसान ने हम मिटटी से बने घड़े को उठाया और अपने कंधो पर रख चल पड़ा ....

हमारी जिंदगी इतनी सारी मोड़ो पर मुसीबतो का सामना कर , एक नई मोड़ पर आ चुकी है 

 

वो इंसान हमे उठा कर चलता रहा ....

और अचानक आशी की नजर पीछे घूमती है 

 

आशी - आशु !! देखो ! जब से हम इंसान के साथ जा रहे है , तब से वो दो जान हमारा पीछा किये जा रहे है !!

वो हमारी तरफ इशारे भी कर रहे थे.... 

 

आशु - आशी !! बसकर यार ... में तो थक गया हूँ... यह इंसानो को देख देख कर...कभीकयण तो कभी कौन

पीछे पद जाता है हमारे .... मुझे देखना ही नहीं है उन लोगो को अब... पीछा कर रहे है तो करने दो

यार.... जो भी होगा... अब मजूरए खुदा होगा.... 

( आशी उन्हें लगातार देखती जा रही है - और वो लोग भी हमे देखते हुए लगातार हमारे पीछे आते जा रहे है ....)) 

 

वो इंसान अपने घर पहुंचता है , तो वो लोग भी वहीआ जाते है ... 

 

उस इंसान ने अपने कंधो से हमे उतार के निचे रखा और उन दोनों से बात करने लगा .... 

और हम उनकी बाते सुन ने की कोशिश करने लगे....

 

और जितना हमने सूना.. वो बोल रहे थे ... की " यीशु मसीह पूछ रहे है की वो कमरा कहाँ है जहाँ में अपने चलो के साथ फसह खाऊं??

 

आशी – OMG !! आशु  !! यह क्या हो गया ?? 

 

आज यीशु मसीह इस घर में आने वाले है 

 

आशु - हाँ आशी !! और हाँ आज हम भी यहाँ मौजूद है .....!!

 

आज बहुत दिनों बाद हम खुश हुए थे... 

ख़ुशी वजह क्या थी ... ख़ुशी की वजह अनेक थी ..... .

 

1 . हम हमारे जनम से आज तक इतने दर्द सह रहे थे...कभी कहाँ तो कभी कहाँ .... लेकिन अब समझ गए... की आज तक इसी वक्त के लिए परमेश्वर महान हमे त्यार कर रहा था ....इसीलिए आज हम खुश थे....

 

2 . हम खुश थे... क्यों की यीशु ने हमे उन चेलोके लिए as a sign board चुना की वो हमे देख कर अपनी मंज़िल तक पहुँच पाए 

 

3 . हम खुश थे क्यों की अब हमे पता चल गया की उस परमेश्वर महान ने हमारे जनम से ही पहले देख लिया था और दुनिया में भेजा की मैं आज के दिन के लिए ाहु और आशी को दुनिया में भेज रहा हूँ... 

 

अब हम बहुत खुश थे क्यों की आज जिस घर में यीशु फसह मनाने जा रहे है, आज हम भी उसी घर में मौजूद है 

हम हमारी हर मुसीबते भूल गए जो हमने फेस की थी , सब भूल कर यीशु के आने के स्वागत में लग गए... 

 

और आज हम घड़े में पानी रखा गया की यीशु जब आये तो वो अपने पैर धो सके ,,... 

हम फिर भी खुश थे...भले ही हम सबसे तुच्छ काम के लिए उपयोग में लिए जा रहे हो ..लेकिन हम उस खुदा के लिए उपयोग हो रहे है ...वो ही हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी बात है .|

 

यही तो हम इंसानो की जिंदगी है - 

१. हमारे साथ बुरा होता है हम घबरा जाते है लेकिन हमे घबराना नहीं है क्यों की उस खुदा ने आपके लिए कोई नया प्लान बनाया है... जो आपसे सिर्फ कुछ कदम दुर्र ही 

 

२. वो खुदा कहता है मैं जगत की ज्योति हूँ 

और फिर कहत है तुम जगत की ज्योति हो 

उसने हमे sign बोर्ड के रूप में दुनिया में रखा है की इस पाप की अंधेरी भटकती दुनिया में ज्योति बन ज्योतिर्मय खुदा की और ले चले 

 

३. लाइफ में समस्या आएगी जरूरर , हर कोई आपको रौंद देगा ाओंके साथ ना जाने क्या क्या करेगा ..

लेकिन उन  परिस्थितयों को नजरअंदाज कर सिर्फ और सिर्फ अपने परमेश्वर की और देख कर चले 

हर मुसीबतो को सहन करे क्यों की एक दिन जरूर आएगा जब हम उस खुदा के साथ उसके भवन में होंगे 

 

४. आज अनेक जहाज़ इस पाप के सागर में डूब रहे है , उनके समुख हमारे परमेश्वर ने ने एक लाइट हाउस बन ने की जिम्मेदारी हमे दी है की हम उन सब को यीशु रुपी किनारे की पहचान दे ... 

 

इन दिनों हमारी प्रार्था हो सके खुदा हमारी उस आत्मिक ज्योति को तू और तेज़्ज़ कर 

अपने पवित्र आत्मा हम में भेज कर तू उसे मजबूत कर 

की जब तक तेरा वक्त ना आ जाए तब तक परमेशवर अनेक लोगो को अनेक जहाज़ों को तेरी तरफ हम खींच ले आये  और वो भी उस दिन तेरे साथ रह सके


By - Ashish George 

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