Sayonara

 सफ़र लम्बा था, आज मंज़िल करीब आ गई, 

दोस्तों की हँसी, और दिल मे छुपी मुस्कान बह आ गई, 

विदाई का वक़्त, आँसुओ से लिपटी जो हँसी थी, 

सच मे ये यादों की पोटली थी, जो हर बात बयाँ करा गई, 


आखिरकार आज सपनो से हकीकत मे आया हूँ

सफर के पन्नों में, दोस्ती की किताब लिख लाया हूँ 

जीवन के इस सफर मे, यादों की गहरी नदियों मे, 

डूब कर मैं दोस्ती रूपी मोतिया सज़ा लाया हूँ, 


आज वापसी की इस राह में, दिल थोड़ा बेचैन था, 

दोस्तों की वो मुस्काने, यादों मे न जाने कहाँ चैन था 

ज़िंदगी की किताब में, आज लिखी है उन सब की कहानी,  

जहाँ दोस्ती और यादों की अब कभी ना मिटने वाली निशानी है, 


आज रास्ते बदल गए, लेकिन रिश्तों ने मुँह न मोड़ा, 

यारों की यादों ने इस दोस्ती के धागे को जोड़ा, 

बिताए लम्हो को कैद कर, हर दोस्ती को निभा कर

आज यह परिंदा, जमीं छोड़, आसमां मे फिर कहीं उड़ चला.. 

आज यह परिंदा, जमीं छोड़, आसमां मे फिर कहीं उड़ चला..... 


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